HSS 2000 – 2014

नेपाल भारत मैत्री संगठन के सूत्रधार – अनूप कुमार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वैचारिक सम्बन्ध नेपाल के हिन्दू स्वयंसेवक संघ से रहा है ।
नेपाल में संघ के कार्य विस्तार हेतु भारत से समय समय पर प्रचारकों का नेपाल जाना हुवा है ।
माननीय सूबेदार जी 1998 में नेपाल के राष्ट्रीय प्रचारक के रूप नियुक्त हुए अपनी सहायता हेतु श्री रघुवीर जी (डा. दिलीप तिवारी) को भी नेपाल बुला लिया ।
संघ में अत्यधिक लगाव होने के नाते सन 2000 में प्रचारक के नाते नेपाल में कार्य प्रारम्भ का सौभाग्य मिला ।
भैरहवा नगर प्रचारक के नाते कार्य करते हुए रुपन्देही जिले में संघ कार्य करने लगा ।
संघ कार्य में ईश्वर कार्य समाहित होने से मन लगता गया और एक वर्ष के अन्तराल में पर्सा जिला प्रचारक के रूप में बीरगंज जाना हुवा जहाँ संघ कार्य तेजी से आगे बढ़ने के साथ साथ नारायणी अंचल का कार्य स्वर्गीय श्री मोहनलाल राजपाल जी के साथ प्रारम्भ हुवा ।
बारा जिले के कलैया नगर में संघ कार्यालय खुला एवं संघ कार्य ग्रामीण क्षेत्रो में घुसने लगा माननीय सूबेदार जी एवं रघुवीर जी के अथक प्रयास का फल समाज में दिखने लगा
हिन्दू सेविका समिति नेपाल का नीव श्रीमती शिला गिरी जी के आवास पर रखा गया जहाँ आज भारतीय वाणिज्य राजदूतावास है सेविका समिति के कार्य में स्वर्गीय श्रीमती विणा दास वीरगंज श्रीमती राजश्री कोरान्ने मुम्बई का बहुत बड़ा योगदान रहा ।
सौभाग्य से आमा को माया नाम से संघ का छात्रावास प्रारम्भ करने का निर्णय हुवा और पहली बार पारिवारिक माहोल सा लगा बाद में जनजाति कल्याण आश्रम नाम से विधिवत पंजीकृत संस्थान बना कर माननीय सूबेदार जी ने श्री प्रेम थुलुंग को संगठन मंत्री नियुक्त कर कार्य आगे बढ़ाया | अगले पड़ाव पर कोशी विभाग प्रचारक नाते विराटनगर जाना हुवा यहाँ पूर्व में श्री सुनीत जी एवं अशोक जी ने बहुत सुन्दर कार्य का नीव रखा था जिसमे संगठन का ढाचा दिखते ही कार्य गति देने लगा साथ ही नेपाल में राजनीती का उफान हवा देने लगा ।
संघ कार्य निरंतर आगे बढ़ा रहा था नेपाल में पहली बार प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष एक साथ लगा और पुरे वर्ग में देश की आधी संख्या विराटनगर विभाग ने देकर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया था विराटनगर विभाग ने देश में सर्वाधिक शाखा का भी रिकार्ड दिया ।
समय की माँग श्री बाल मुकुंद जी का विराटनगर केंद्र सुनिश्चित हुवा और कुछ दिनों पश्चात् सागरमाथा अंचल एवं जनकपुर अंचल जाना हुवा फिर स्थाई रूप से जनकपुर केंद्र बना कर कार्य प्रारम्भ किया ।
समय का पहिया फिर घूमा श्री गुरूजी जन्म शताब्दी में कार्य करने हेतु लुम्बिनी अंचल कार्य मिला जन्म शताब्दी में भी काठमांडू के कार्यक्रम में पूरे देश की आधी संख्या लुम्बिनी अंचल से आया स्वयंसेवकों उत्साह ही हमारी प्रेरणा बन कर आगे बढ़ा और हम लोकतान्त्रिक आन्दोलन के हिस्सा बने ।
मधेश के हर भाग में सबकी सुनी हिन्दू राष्ट्र संबिधान की शब्दावली में बनी रहे इस पर हर पल विचार चलता रहा ।
परन्तु ईश्वर को कुछ मंजूर था माननीय सूबेदार जी के अथक प्रयास से अंतरिम संबिधान में हिन्दू आधारित व्यवस्था की चिंता की गई ।
अन्तोत्गात्वा नेपालगंज में असली कर्म भूमि सिद्ध हुई ।
नेपाल के पहले कार्यालय बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुवा साथ ही नेपाली राजनीती में हिन्दू गणतंत्र के अंतर्गत संबिधान सभा के चुनाव में अग्रिणी भूमिका निर्वहन करने का सौभाग्य मिला ।
नेपाल जनता पार्टी के तरफ से संगठन मंत्री के नाते कार्य प्रारम्भ हुवा और देश भर कार्य हुवा एवं चुनाव में सफलता तो नहीं मिली परन्तु हिन्दू विचार का कार्य देश व्यापी रुप में प्रारम्भ हुवा साथ ही हरिहरनाथ मुक्तिनाथ सांस्कृतिक यात्रा का कार्य प्रारम्भ हुआ ।
जिसका सफल आयोजन श्री प्रेमनिधि भारद्वाज, श्री अखिलेश्वर सिंह, श्री खेमनाथ आचार्य, श्री कमलेश गुप्ता, श्री चंद्रभान कुशवाहा, श्री वीरेंद्र कुंवर, श्री लीलाधर भट्टराई, श्री ठाकुर बराल, विनय यादव, गोबिन्दा साह, श्री निर्मल दुग्गड़,श्री योगेश गौचंन मा.श्री रोमी गौचन, गोविन्द ब.केसी आदि ज्ञात अज्ञात बन्धुओ के सहयोग से हुवा | जिससे नेपालभारत मैत्री संगठन का हिमाल क्षेत्र में भी संपर्क प्रारम्भ हुवा ।
एतिहासिक यात्रा का महत्त्व नेपाल के साथ साथ भारत में भी होने लगा एक दिन ऐसा भी आया कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी मुक्तिनाथ की दर्शन किया आज यात्रा के महत्त्व के नाते मुस्तांग की नई विकास की धारा खुल गई । आज मुस्तांग सुन्दर जिले के रूप में विकसित हो रहा है । नेपाल के इस पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने में उत्तर पूर्व क्षेत्र के धर्म जागरण प्रमुख श्री सूबेदार जी का बहुत बड़ा योगदान हैं ।
एकाएक भारतीय जनता पार्टी में नेपाल को लेकर कार्य में सहायता करने हेतु श्री अजीत कुमार जी के साथ मिल कर कार्य करने लगा और उन्होने मधेश एवं हिंदुत्व के विषय में कार्य करने हेतु कहा और हम सक्रीय रूप से कार्य करने लगा | लोकसभा २०१४ के चुनाव में नेपाल संपर्क सेल की अहम् भूमिका रही जिसके द्वारा भारत भर में नेपाल के लोंगो के बीच कार्य प्रारम्भ हुवा एवं देश के विभिन्न राज्यों में नेपाली भाषी लोंगो को मतदान एवं भाजपा से जोड़ने की मुहिम में कार्य में संलंग्न होते हुये भाजपा के जीत की सफलता में एक नीव के इटें की तरह काम करने वाली नेपाल सम्पर्क सेल की टीम विजय महोत्सव में सहभागी बना एवं मोदी जी भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री बने ।
वर्ष २०१५ में बिहार विधान सभा में वार रूम का हिस्सा बन कर कार्य करने हेतु पटना रहना हुवा श्री नागेन्द्र जी श्री भूपेन्द्र यादव जी एवं स्व. अनंत कुमार जी सहित स्व. सुरजनंदन जी के सहयोग से काफी नजदीक से कार्य करने का अवसर प्राप्त हुवा चुनाव की बारीकियों को सिखने का अवसर नीचे से ऊपर तक का मेल मिलाप तकनीकी विषयों पर अध्यन करने का अवसर मिला | चुनाव में पार्टी ने जिस विषयों को जिससे वादा किया पूरा किया | क्या जीत में क्या हार में … भाजपा एवं संघ की निर्देशानुसार अनुसार गोपाल नारायण सिंह को राज्य सभा हेतु तैयारी में सहयोग किया एवं तीन वर्ष में नेपाल भारत के सम्बन्ध पर कार्य हुवा नेपाल में सैकड़ो कार्यक्रम एवं सफल सभाएं हुई युवाओं के साथ नया समूह बना इंडो नेपाल संपर्क सेल के नाम से कार्य शुरू हुवा इंडो नेपाल स्टडी सेंटर की पंजीकरण के साथ कार्य में युवाओ का सहभागिता होना हमारी कार्य शैली की पहचान बन गई धीरे-धीरे राजनितिक परिस्थितियां बदली और नेपाल के कार्य में ज्यादा लोंग समय देने लगे नेपाल भारत मैत्री संगठन की नीव मा.इन्द्रेश जी एवं श्री अशोक चौरसिया जी के साथ चर्चा होने से भारत विरोधियों को शांत करने एवं नेपाल भारत के संबंधो में आई खटास को दूर करने हेतु रखा गया आज नेपाल भारत के संबंधो में एक बदलाव हुवा है उसमे नेपाल भारत मैत्री संगठन का योगदान महत्वपूर्ण हैं ।
वर्तमान में भारत सरकार ने हर कदम का नेपाल भारत सम्बन्ध पर मिठास हो इसका जोर दिया जिसके लिये संगठन उनका आभार प्रकट करता है ।